अकादमी का उद्देश्य नव नियुक्त राज्य वन अधिकारियों ((रा.व.से.)) एवं वन राजिक अधिकारियों को व्यावसायिक प्रारंभिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। साथ ही, विभिन्न राज्यों से प्रतिनियुक्त राज्य वन सेवा अधिकारियों-उप वन संरक्षक, सहायक वन संरक्षक, वन राजिक अधिकारी तथा उप-वन राजिक अधिकारी के लिए अल्पकालिक सेवारत प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
व्यावसायिक अधिष्ठापन प्रशिक्षण:
- राज्य वन अधिकारियों (सहायक वन संरक्षक) के लिए प्रशिक्षण अवधि 24 माह की होती है तथा प्रशिक्षण पूर्ण होने पर उन्हें डिप्लोमा प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
- वन राजिक अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण अवधि 18 माह की होती है तथा प्रशिक्षण पूर्ण होने पर उन्हें प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है।
सेवारत प्रशिक्षण (अल्पकालिक):
- विषय आधारित कार्यशालाएँ
- प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण
- सामान्य पुनश्चर्या पाठ्यक्रम
- सामुदायिक वन प्रबंधन
- कंप्यूटर एप्लीकेशन कोर्स
- मास्टर ऑफ़ ट्रेनर्स प्रशिक्षण
अन्य प्रशिक्षण (अल्पकालिक):
अकादमी में हितधारकों तथा अन्य विभागीय कार्मिकों (शिक्षा, राजस्व, ग्रामीण विभाग आदि) के लिए वानिकी, वन्यजीव एवं जैव विविधता तथा पर्यावरण जैसे विषयों पर अल्पकालिक जागरूकता एवं प्रशंसा पाठ्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
- अन्य हितधारकों के लिए सामान्य जागरूकता पाठ्यक्रम
- टीओटी - पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के तकनीकी संवर्ग (वानिकी) अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम
- राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (वन अग्नि निवारण)
- सीईपी - अकादमी के पूर्व छात्रों के लिए सतत शैक्षिक कार्यक्रम
- भारतीय वन सेवा परिवीक्षाधीन अधिकारियों हेतु कार्य योजना मॉड्यूल