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निदेशालय के बारे में

वन शिक्षा निदेशालय की स्थापना वर्ष 1945 में की गई थी और यह संगठन देश में व्यावसायिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण तथा शिक्षा के लिए उत्तरदायी था। 1987 में वानिकी अनुसंधान, शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के पुनर्गठन के पश्चात्, तत्कालीन भारतीय वन महाविद्यालय को उन्नत कर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी बना दिया गया। भारतीय वन अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (प.व.ज.प.मं.) के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय के रूप में स्थापित किया गया, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर वन क्षेत्र में अनुसंधान का संगठन, निर्देशन एवं प्रबंधन किया जा सके।

वन शिक्षा निदेशालय भवन

वन शिक्षा निदेशालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रत्यक्ष नियंत्रण में एक स्वतंत्र संगठन है, जो राज्य वन सेवा अधिकारियों (रा.व.से.) तथा वन राजिक अधिकारी (व.रा.अ.) के प्रशिक्षण के लिए उत्तरदायी है। वन शिक्षा निदेशालय को दिनांक 01.03.2022 से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के निदेशक के प्रशासनिक नियंत्रण में लाया गया है। निदेशालय राज्य सरकारों के प्रयासों को भी सहयोग प्रदान करता है, ताकि अग्रिम श्रेणी के वन कर्मियों - जिनमें उप-वन क्षेत्रपाल, वनपाल तथा वन रक्षक शामिल हैं - का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के निदेशक के अधीन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत वन प्रशिक्षण अकादमियों के प्रशासनिक नियंत्रण का युक्तिकरण / पुनर्गठन।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने क्षमता निर्माण, कार्यकुशलता तथा अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, दिनांक 03.02.2022 के पत्र द्वारा वन प्रशिक्षण अकादमियों के प्रशासनिक नियंत्रण के समेकन / एकीकरण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इस आदेश के अनुसार, बर्नीहाट, कोयंबटूर और देहरादून स्थित तीन केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा, तथा कुर्सियांग स्थित केंद्रीय वन शिक्षा अकादमी का प्रशासनिक नियंत्रण इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय वन अकादमी के निदेशक के अधीन कर दिया गया। केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा/केन्द्रीय वन शिक्षा अकादमी पर वन शिक्षा निदेशालय का प्रशासनिक नियंत्रण अप्रभावित रहेगा। उपर्युक्त आदेश के परिणामस्वरूप तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के निदेशक के निर्देशानुसार, समेकन आदेश को प्रभावी बनाने हेतु विभिन्न कार्यवाही की गई है, जैसे - नियमित फाइल अनुमोदन प्रक्रिया और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी व वन शिक्षा निदेशालय की संयुक्त रिपोर्टिंग, सभी अकादमियों के जनशक्ति का युक्तिकरण, समेकन के बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी और केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा की आधारभूत संरचना का साझा उपयोग, प्रमुख कार्यों की स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया में संशोधन, तथा सभी अकादमियों में ई-लाइब्रेरी सुविधा का समेकन / सहयोग मंत्रालय के वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों के प्रशिक्षण में सहभागिता, कोयंबटूर स्थित केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा द्वारा भारतीय वन सेवा अधिकारियों के कार्ययोजना एवं वन उत्तरजीविता मापदंड का पारस्परिक संचालन, केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा में परामर्शदाताओं की नियुक्ति हेतु इंदिरा गांधी राष्ट्रिय वन अकादमी दिशा-निर्देशों का विस्तार, प्रस्तावित मसौदा नियमों के अंतर्गत राज्य वन सेवा प्रशिक्षण के लिए शैक्षणिक परिषद का पुनरीक्षण। वन शिक्षा निदेशालय की पूंजीगत आधारभूत संरचना में सुधार संबंधी सभी प्रस्ताव, जो इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के निदेशक की वित्तीय शक्तियों के अंतर्गत आते हैं, अब उनके स्तर पर ही स्वीकृत किए जाते हैं।

एसएफएस अधिकारी सर्वेक्षण
एफआरओ अधिकारी सर्वेक्षण

भारत सरकार ने राज्य वन सेवा अधिकारियों और वन राजिक अधिकारियों के लिए प्रवेश एवं प्रशिक्षण नियम (संशोधित), 2004 जारी किए हैं तथा वनपालों और वन रक्षकों के प्रशिक्षण हेतु दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश प्रारंभिक प्रशिक्षण के लिए रूपरेखा प्रदान करते हैं और विभिन्न राज्यों के प्रयासों को सहयोग देते हैं, ताकि संबंधित वन प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से अग्रिम श्रेणी के वन कर्मियों (उप-वन क्षेत्रपाल, वनपाल तथा वन रक्षक) का प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण सुनिश्चित किया जा सके। राज्य वन विभागों और केंद्रीय वन संगठन में प्रशिक्षित अधिकारियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, केंद्र सरकार द्वारा तीन राज्य वन सेवा महाविद्यालय - बर्नीहाट (असम) में वर्ष 1976 में, कोयंबटूर (तमिलनाडु) में वर्ष 1980 में तथा देहरादून (उत्तराखंड) में वर्ष 1981 में स्थापित किए गए। इन महाविद्यालयों में राज्य वन सेवा अधिकारियों को द्विवार्षिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

  • केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा, बर्नीहाट
  • केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा, कोयंबटूर
  • केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा, देहरादून

इसके अतिरिक्त, यह निदेशालय राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन वन प्रशिक्षण संस्थान / अकादमी के माध्यम से वन क्षेत्र अधिकारियों के लिए प्रारंभिक प्रशिक्षण भी आयोजित करता है, जैसे कि:

  • चंद्रपुर वन प्रशासन, विकास एवं प्रबंधन अकादमी, चंद्रपुर, महाराष्ट्र
  • गुजरात वन रेंजर्स महाविद्यालय, राजपीपला, गुजरात
  • हिमाचल प्रदेश वन अकादमी, सुंदरनगर, हिमाचल प्रदेश
  • कुंडल विकास, प्रशासन व प्रबंधन अकादमी (वन), कुंडल, महाराष्ट्र
  • कर्नाटक राज्य वन अकादमी, धारवाड़, कर्नाटक
  • ओडिशा वन रेंजर्स महाविद्यालय, अंगुल, ओडिशा
  • तमिलनाडु वन अकादमी, कोयंबटूर, तमिलनाडु
  • तेलंगाना राज्य वन अकादमी, हैदराबाद, तेलंगाना
  • उत्तराखंड वन प्रशिक्षण अकादमी, हल्द्वानी, उत्तराखंड