पॉज़/प्ले आइकन

भारत का उत्तर-पूर्वी क्षेत्र नीले पर्वतों एवं पहाड़ियों, हरी-भरी घाटियों, पठारों और नदियों की मनोहर भूमि है। हमारे देश का यह क्षेत्र विशाल वन संसाधनों से परिपूर्ण है। यहाँ दुर्लभ वनस्पति एवं जीव-जंतुओं की प्रजातियाँ भी पाई जाती हैं, अतः यह क्षेत्र वानिकी अनुसंधान, शिक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए अत्यंत उपयुक्त है।

भारत सरकार ने वर्ष 1976 में देश के प्रथम राज्य वन सेवा महाविद्यालय की स्थापना बर्नीहाट में की, ताकि हमारे देश के राज्य वन सेवा अधिकारियों को डेढ़ वर्ष का व्यावसायिक वानिकी प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके तथा समय-समय पर अल्पकालिक पुनश्चर्यापाठ्यक्रम भी आयोजित किए जा सकें। यह महाविद्यालय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के अधीन वन शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत आता है, जिसका मुख्यालय देहरादून में स्थित है।

के.अ.रा.व.से. , बर्नीहाट