अकादमी का इतिहास
केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा (के.अ.रा.व.से.), बर्नीहाट, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत वर्ष 1976 में स्थापित की गई थी। उस समय इसका नाम राज्य वन सेवा कॉलेज सह अनुसंधान केंद्ररखा गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों से नव-नियुक्त सहायक वन संरक्षकअधिकारियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर सक्षम वन प्रबंधक तैयार करना तथा जैव-विविधता से समृद्ध उत्तर-पूर्वी राज्यों में वानिकी से संबंधित अनुसंधान कार्य करना था।इसके बाद सितंबर 1988 में राज्य वन सेवा कॉलेज सह अनुसंधान केंद्रका नाम बदलकर राज्य वन सेवा कॉलेजरखा गया तथा आगे चलकर 14.08.2009 को भारत सरकार द्वारा इसका पुनः नामकरण कर केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा (के.अ.रा.व.से.)किया गया। के.अ.रा.व.से., बर्नीहाट, देहरादून स्थित वन शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत कार्यरत तीन अकादमियों में से एक है, जो बर्नीहाट, देहरादून और कोयंबटूर में स्थित के.अ.रा.व.से.को नियंत्रित करता है।

बर्निहाट राज्य वन सेवा के लिए केंद्रीय अकादमी
वर्तमान में यह अकादमी पूरे उत्तर-पूर्व भारत में वानिकी से संबंधित एकमात्र अकादमी है, जो सहायक वन संरक्षक एवं वन राजिक अधिकारियों के स्तर पर अधिकारियों को प्रारंभिक प्रशिक्षण प्रदान करती है। इस अकादमी ने अब तक 18 बैचों में 568सहायक वन संरक्षक/राज्य वन सेवा अधिकारियों को प्रवेश प्रशिक्षण प्रदान किया है। अकादमी ने वर्ष 2000 से वन राजिक अधिकारियोंका प्रशिक्षण प्रारंभ किया और अब तक 19 बैचों में 518 रेंज अधिकारी यहाँ से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।

