पॉज़/प्ले आइकन
राहुल एम. रोहाने, भा.व.से.

पिछले 47 वर्षों से हमारी अकादमी नव-नियुक्त राज्य वन सेवा अधिकारियों एवं वन राजिक अधिकारियों को व्यावसायिक प्रारंभिक प्रशिक्षण प्रदान करती आ रही है। देश की सबसे पुरानी राज्य वन सेवा प्रशिक्षण अकादमी के प्रधानाचार्य के रूप में यह संदेश लिखना मेरे लिए अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है।

हमारी अकादमी देश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित है और न केवल उत्तर-पूर्वी राज्यों बल्कि अन्य राज्यों की आवश्यकताओं को भी पूरा करती है। हम प्रारंभिक प्रशिक्षण के साथ-साथ अपने प्रतिष्ठित राज्य वन सेवा एवं वन राजिक अधिकारियों के लिए सेवारत पुनश्चर्या पाठ्यक्रम सहित विविध प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करते हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य हितधारकों के लिए भी अल्पकालिक पाठ्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

हमारा उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण प्रदान करना ही नहीं है, बल्कि अपने अधिकारियों को कार्यक्षेत्र में आने वाले समकालीन मुद्दों और चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान देना भी है। हमारे अनुभवी संकाय सदस्यों ने आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष मॉड्यूल विकसित किए हैं और चुनौतियों से निपटने में निरंतर सहयोग प्रदान करते हैं।

हमारा मानना हैकिनव-नियुक्त अधिकारियों के व्यावसायिक विकास के लिए प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह उन्हें उनकी भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है तथा उन्हें आवश्यक कौशल, ज्ञान और उस संगठन की समझ प्रदान करता है, जिसकी वे सेवा कर रहे हैं।

हमारी अकादमी विभिन्न पृष्ठभूमि और अनुभव स्तर वाले अधिकारियों के लिए समान अवसर प्रदान करती है। यह सैद्धांतिक ज्ञान और उसके व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की दूरी को पाटने में सहायक है। प्रभावी प्रशिक्षण नव-नियुक्त अधिकारियों की सीखने की अवधि को कम करता है तथाउन्हें दूसरों के अनुभवों से सीखने का अवसर देता है और सामान्य त्रुटियों से बचने में मदद करता है। इससे समय और संसाधनों की बचत होती है तथा क्षेत्र में होने वाली महंगी गलतियों को रोकने में मदद मिलती है।

हमारी प्रशिक्षण अकादमी समान सोच रखने वाले, विकास और प्रगति के प्रति समर्पित व्यक्तियों का एक समुदाय है। हम प्रशिक्षुओं को प्रोत्साहित करते हैं कि वे अकादमी द्वारा प्रदान किए जाने वाले विभिन्न नेटवर्किंग अवसरों का लाभ उठाएँ, अपने साथियों से जुड़ें, अनुभव साझा करें और एक-दूसरे से सीखने की प्रकृति को बढ़ावा देते हैं।

अंत में, मैं सभी अधिकारी प्रशिक्षुओं से आग्रह करता हूँ कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं, स्वयं को विकसित करें और अकादमी द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे विभिन्न प्रशिक्षण एवं विकास अवसरों का सदुपयोग करें। हमें विश्वास है कि आपके व्यावसायिक विकास में हमारा निवेश हमारे प्रतिष्ठित संस्थान की निरंतर सफलता में परिवर्तित होगा।

राहुल एम. रोहाने, भा.व.से.
प्रधानाचार्य
के.अ.रा.व.से., बर्नीहाट