अकादमी का इतिहास
प्रारंभ में भारत के वनों का प्रबंधन सिविल सेवाओं एवं सेना से लिए गए अधिकारियों द्वारा किया जाता था। भारत सरकार के प्रथम वनमहानिरीक्षक डॉ. डिट्रिच ब्रैंडिस ने 1864 में भारत आगमन के पश्चात यह आवश्यकता महसूस की कि देश के वनों के प्रशासन एवं संरक्षण के लिए पूर्णतः योग्य तथा वैज्ञानिक रूप से प्रशिक्षित अधिकारियों की आवश्यकता है। डॉ. ब्रैंडिस ने आरंभिक काल में ही वैज्ञानिक रूप से प्रशिक्षित अधिकारियों की एक पूर्ण विकसित सेवा की स्थापना की परिकल्पना की और इसी उद्देश्य से देश के वनों के प्रबंधन हेतु प्रशिक्षित वन अधिकारियों की व्यवस्था हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किए। उन्होंने निम्न अनुशंसा की:

कें.अ.रा.व.से. देहरादून का दृश्य
पेज अद्यतन तिथि: 13 Feb, 2026




















